Nasik – Correspondent
नाशिक के बहुचर्चित म्हाडा जमीन घोटाला मामले में 45 से अधिक संदिग्धों ने नाशिक जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किए हैं. इस मामले की आज सुनवाई पूरी नहीं हो पाने के कारण सभी आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. अब सभी को अगली तारीख दी जाएगी.
मामले का दायरा बड़ा होने और आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण न्यायालय ने प्रत्येक आवेदन पर अलग-अलग सुनवाई करने के बजाय सभी अर्जियों की संयुक्त सुनवाई करने का निर्णय लिया था. अर्जियों की संख्या 45 से अधिक होने तथा दस्तावेजों की जांच के लिए समय आवश्यक होने के चलते अदालत ने सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख तय की थी, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो सकी.
म्हाडा के आवासीय प्रकल्पों के लिए आरक्षित जमीनों के सौदों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए कई बड़े नामों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. सोमवार की सुनवाई में आरोपियों को राहत मिलेगी या उनके जमानत आवेदन खारिज होंगे, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी थीं, लेकिन अब सभी पर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है.
मुख्य आरोपी मनवानी को न्यायिक हिरासत
म्हाडा के भूखंडों के टुकड़े कर कथित धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार बिल्डर तथा हैप्पी होम के संचालक सोनू मनवानी को आज अदालत में पेश किया गया. उसकी पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त हो चुकी थी और उसमें बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.




