Tuesday, March 24, 2026
Tuesday, March 24, 2026
Tuesday, March 24, 2026
spot_img
spot_img
A venture of Pen First Media and Entertainment Pvt. Ltd
Member of Working Journalist Media Council Registered by - Ministry of Information and and Broadcasting, Govt. Of India. New Delhi
HomeHindiभोंदू बाबा खरात का भंडाफोड़: तंत्र-मंत्र और नाग का डर - ...

भोंदू बाबा खरात का भंडाफोड़: तंत्र-मंत्र और नाग का डर – महिलाओं के शोषण का आरोप; रसूखदारों और राजनेताओं से थे गहरे संबंध

Nasik – Correspondent

नाशिक के स्वयंभू ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात प्रकरण ने पूरे महाराष्ट्र सहित देश को झकझोर कर रख दिया है। खुद को ‘कैप्टन’ बताने वाले अशोक खरात पर सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगने के बाद कई सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राज्य के कई बड़े राजनेता, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिष्ठित हस्तियां अपना भविष्य जानने के लिए उसके दरबार में हाजिरी लगाते थे।

सियासी रसूख और प्रसिद्धि का सफर
अशोक खरात पिछले कई वर्षों से लोगों की समस्याएं सुलझाने, भविष्य बताने और सफलता का मार्ग दिखाने का दावा कर रहा था। साल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के सिन्नर तहसील के मिरगाव जाकर पूजा करने के बाद खरात अचानक सुर्खियों में आया और उसकी प्रसिद्धि पूरे राज्य में फैल गई। इसके बाद राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और मनोरंजन जगत के दिग्गजों का उसके पास आना-जाना बढ़ गया। नाशिक पुलिस ने बुधवार रात खरात को गिरफ्तार किया, जिसके बाद अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वर्तमान में विशेष जांच दल (SIT) उससे कड़ी पूछताछ कर रही है।

अंधविश्वास और ’20 फीट के नाग’ का मायाजाल
सिन्नर के मिरगाव में मंदिर निर्माण के बाद खरात ने अपना ‘दरबार’ शुरू किया था। ज्योतिष, अंक ज्योतिष और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर वह संतान प्राप्ति, वैवाहिक विवाद और राजनीतिक भविष्य जैसे मुद्दों को हल करने का झांसा देता था। विशेष रूप से पूर्णिमा और अमावस्या को उसके दरबार में प्रभावशाली लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी।

जांच में सामने आया है कि खरात ने ‘सर्पपूजा’ के नाम पर लोगों को डराने का एक नया तरीका निकाला था। ध्यानस्थ बैठकर तंत्र-मंत्र का जाप करते समय वह अचानक 20 फीट के नाग के प्रकट होने का आभास (Illusion) पैदा करता था। खरात के इशारे पर फन फैलाकर झूमते नाग को देख भक्त डर जाते थे और उसे ‘दैवी शक्ति’ समझने लगते थे। कई लोग तो डर के मारे बेहोश तक हो जाते थे।

शोषण की ‘मोडस ऑपरेंडी’
एसआईटी की जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह सब पूर्व नियोजित और फर्जी था। भक्तों के मन में डर और अंधविश्वास पैदा करना ही खरात की मुख्य कार्यप्रणाली थी। एक बार प्रभाव में आने के बाद, वह महिलाओं को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने अकेले बुलाकर उनका शोषण करता था। धार्मिक आस्था, भय और अज्ञानता का फायदा उठाकर खरात ने शोषण का एक बड़ा जाल बुना था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!