Jalgaon – Reporter
आगामी महानगरपालिका चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में जलगांव महानगर निगम में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मनपा आयुक्त ज्ञानेश्वर ढेरे ने की। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयुक्त ढेरे ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आचार संहिता का सख्ती से पालन करें और किसी भी तरह का उल्लंघन न होने दें। “चुनाव जीतने के लिए नियम तोड़ना नहीं, बल्कि जनता का भरोसा जीतना जरूरी है,” ऐसा संदेश उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से दिया।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अशोक नखाते ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान दादागिरी, मतदाताओं को धमकाने, डराने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इसके साथ ही शराब और नकद राशि बांटने वालों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के नाम पर कानून हाथ में लेने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।
उपजिलाधिकारी जितेंद्र गायकवाड ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नामांकन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन पत्र किस तरह भरने हैं, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और कहां-कहां सावधानी बरतनी है। साथ ही सभी को आदर्श आचार संहिता का पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य लेखा परीक्षक एवं मुख्य अधिकारी सोनवणे ने चुनावी खर्च को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मनपा चुनाव में प्रत्याशी के लिए अधिकतम खर्च सीमा 9 लाख रुपये तय की गई है। सभी उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने खर्च का पूरा ब्योरा जमा करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसकी सख्त चेतावनी भी दी गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त निर्मला गायकवाड, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक नखाते, एसडीएम विनय गोसावी सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।




