Nasik – Altaf Khan
पूर्व कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई मंगलवार को नाशिक में काठे गली में अवैध रूप से बनी सातपीर दरगाह के आसपास के इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे, जिसे पुलिस पर जमकर पथराव के बीच ध्वस्त कर दिया गया लेकिन निरीक्षण करने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. दलवई को गंगापुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जोरदार हमला बोला.
पुलिस में हिम्मत है ता…
हुसैन दलवई ने कहा, पुलिस कह रही है कि अगर मैं वहां जाऊंगा तो दूसरे लोग भी वहां जाएंगे, इसलिए उन्हें रोकिए. मेरे वहां जाने से क्या दिक्कत है? मेरा चरित्र सभी जानते हैं, मैं दंगा भड़काने वाला व्यक्ति नहीं हूं. जो लोग दंगा भड़काते हैं, उन्हें आप संरक्षण देते हैं, उनकी बात सुनते हैं और उन्हीं की वजह से यह समस्या पैदा हुई है. आपको स्थानीय विधायकों को गिरफ्तार करना चाहिए जो इस तरह से बोलते हैं कि सभी दरगाहें कब्र हैं, जो गलत है. कब्र और दरगाह में फर्क होता है. जो लोग कहते हैं कि वे दरगाहें तोड़ देंगे और हनुमान मंदिर बनाएंगे अगर आपमें हिम्मत है तो आपको उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. आप मुझे क्यों गिरफ्तार कर रहे हैं.
दरगाह तोडने का कारण क्या था :
हुसैन दलवई ने आगे कहा कि मैं यह देखने जा रहा था कि उस इलाके में वास्तव में क्या हुआ था, लेकिन मुझे इसकी अनुमति नहीं दी गई. मैंने नारे नहीं लगाए या कुछ भी नहीं किया. यह 350 साल पुरानी दरगाह थी. इसे ध्वस्त करने का क्या कारण था? यह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है. उस दरगाह के 2 ट्रस्टी हिंदू हैं. मैं उन (अधिकारियों) पर विवाद पैदा करने का आरोप लगाता हूं.